July 17, 2018
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Category: हिंदी

विडियो स्पेशल: इस ‘होली’ जश्न के नज़रिए को दीजिये एक “नया रंग”

‘रंग’, शायद हम कभी इस पर तवज्जों नहीं देते, लेकिन जरा सोचिये अगर रंग न होते तो हर पल कितना फ़ीका होता, हर ख़ुशी कितनी सादी होती और हर रिश्ता कितना बेरंग होता | कभी सोचा है, इन रंगों की अहमियत के बारे में इस नज़रिए से? खैर ! ये पल ज्यादा सोचने का नहीं, बल्कि […]

विकास की कब्र पर पनपती ‘बदले की राजनीति’: सत्ता, ‘नशा’ या ‘ज़िम्मेदारी’?

‘बदले की राजनीति’, इस शब्द को एक लोकतांत्रिक देश की राजनीति में हमेशा से ही बुरा माना जाता रहा है | लेकिन अफ़सोस यह है कि इसके बावजूद पिछले कुछ दशकों से देश के राजनीतिक स्तर में काफ़ी गिरावट आई है | और देश के लिए इससे भी दुर्भाग्य की बात यह है कि इसका […]

‘मजबूर हालातों’ से ‘मशहूर होने के सफ़ल इरादों’ तक के सफ़र का नाम: ज़ाकिर खान

बाकी सब का तो पता नहीं, लेकिन देश में युवाओं के बीच आज ‘ज़ाकिर खान’ का नाम किसी परिचय का मोहताज़ नहीं है, और मैं भी यहाँ इस शख्सियत का कोई जीवन परिचय नहीं बताने वाला हूँ | बस इतना बता दूँ, इंदौर की मिट्टी में पैदा हुए ज़ाकिर ने हमारी आपकी ही तरह या […]

वैलेंटाइन स्पेशल: समाज की बेरुखी के बीच कुबूल होती ‘मोहब्बतें’

‘प्यार’, ‘इश्क़’ या ‘मोहब्बत’, नाम आप हज़ार दे दीजिये, लेकिन इस नाम के एहसास का रंग सबमें एक सा ही चढ़ाता है | कहतें हैं, इश्क़ किसी से भी किया जा सकता है, इसको सिर्फ किन्हीं दो लोगों के बीच समेटना शायद इसके सिर्फ एक ही आयाम को प्रस्तुत करना कहा जा सकता है | मोहब्बत […]

सवाल: असल मुद्दों से कौन भटक रहा है, ‘सरकार’ या ‘हम’?

देश के आज के माहौल से हम सब वाकिफ़ है | मैं यहाँ इस पर चर्चा नहीं करना चाहता कि माहौल कैसा है, क्यूंकि एक आदर्श समाज के नजरिए से आज का माहौल काफ़ी विपरीत है, जिसमें हम असल और बुनियादी जरूरतों के मुद्दों से भटकते नज़र आ रहें हैं | कुछ धर्म और जातिगत […]

शर्मनाक: सियासी आलोचनाओं के बीच कितना जायज़ है ‘पकौड़े वालों का मज़ाक’ बनाना?

एक निजी चैनल पर इंटरव्यू के दौरान देश में रोजगार के हालातों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिए गया ‘पकौड़े बेचने’ संबधी बयान काफ़ी तूल पकड़ता दिखाई पड़ रहा है | देश का शिक्षित बेरोजगार वर्ग जहाँ इस बयान से आहत नज़र आ रहा है, वहीँ कल राज्यसभा में भाषण के दौरान बीजेपी अध्यक्ष अमित […]

कैरियर: भारत में आज भी क्यूँ आसान नहीं अपने ‘सपनों के साथ खड़े’ रह पाना?

हम सब ने अपनी अपनी ज़िन्दगी में कभी न कभी किसी और से या ख़ुद अपने ही मुख से निकले इन शब्दों को जरुर सुना होगा, ” काश मैंने ये कर लिया होता, या इसी में कैरियर बना पाता ! “ इस सब बातों को बताने से पहले मैं आपका ध्यान इस लेख के शीर्षक […]

बजट 2018: अरुण जेटली ने बताया ‘Bitcoin’ को अवैध, ‘Cryptocurrency’ को सरकार ने किया अस्वीकार

पिछले कुछ महीनों से पूरा विश्व Bitcoin और इसके जैसी अन्य ‘Cryptocurrency’ के इस्तेमाल संबंधी आयाम तलाश रहा है, और ऐसे में भारत सरकार से यह उम्मीद की जा रही थी कि इस बजट में सरकार देश में ‘Cryptocurrency’ के इस्तेमाल संबंधी दिशा में कुछ प्रावधान ला सकती है | लेकिन आज संसद में सरकार की […]

दिल्ली पुलिस कॉन्स्टेबल ने HC से कहा, “हम 7 दिन, 24 घंटे ड्यूटी को बाध्य हैं, हमें एक दिन की छुट्टी क्यूँ नहीं?”

बीते कुछ सालों से जब भी देश में पुलिस की ढीली-ढाली कार्यप्रणाली की बात की जाती है, तो एक बिंदु पुलिस के जवानों की ड्यूटी में सख्ती का भी सामने आता है। कहा जाता है ऐसी सख्त ड्यूटी में उन्हें अपने ही लिए वक़्त नहीं जाता, जिसकी वजह से उनकी मनोस्थिति में इसका ग़लत पप्रभाव पड़ता […]

ऋषि कूपर ने कहा, “महिला क्रिकेटरों को भी किया जाए IPL की नीलामी में शामिल?”, देखें इस पर Twitter की प्रतिक्रिया

अपने बयानों और गुस्से की वजह से हाल के दिनों में छाय रहने वाले बॉलीवुड कलाकार, ऋषि कपूर ने एक बार फ़िर बड़ी बेबाकी से समाज में ‘समानता’ के प्रति अपना दृष्टिकोण दुनिया के सामने प्रस्तुत किया है | दरसल इस बार ऋषि जी ने Twitter का सहारा लेते हुए, हाल ही में हो रही […]
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