April 25, 2018
  • facebook
  • twitter
  • linkedin
  • instagram

चारा घोटाला: दोषी क़रार होने के बाद लालू यादव ने ‘नेल्सन मंडेला’ से की ख़ुद की तुलना

  • by Ashutosh
  • December 23, 2017

कंपकपा देने वाली सर्दी के बीच देश में एक बार फ़िर घोटालों पर गर्मागर्म चर्चा का मौसम आ गया है। दरसल, देश के कुछ बहुचर्चित घोटालों पर फ़ैसले देखने को मिल रहें हैं, जो इस ठण्ड के मौसम में देश के राजनीतिक माहौल में गर्मी बनाए हुए है।

इसी श्रृंखला में आज रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने देश के एक बहुचर्चित घोटाले, ‘चारा घोटाले’ पर अपना फ़ैसला सुनाया है।

अदालत ने अपने इस फ़ैसले में प्रमुख आरोपी व घोटाले के समय बिहार के मुख्यमंत्री रहे लालू प्रसाद यादव को दोषी क़रार दिया है। लालू यादव के साथ ही पीएसी के तत्कालीन अध्यक्ष जगदीश शर्मा, आर के राणा, तीन आईएएस अधिकारी फूलचंद सिंह, बेक जूलियस एवं महेश प्रसाद, कोषागार के अधिकारी एस के भट्टाचार्य, पशु चिकित्सक डा. के के प्रसाद तथा शेष अन्य चारा आपूर्तिकर्ताओं को भी दोषी क़रार दिया है।

वहीँ पूर्व उप मुख्यमंत्री जगन्‍नाथ मिश्रा, ध्रुव भगत और विद्या सागर समेत 5 अन्य लोगों को इस मामले में निर्दोष पाते हुए बरी कर दिया गया है। हालाँकि 3 जनवरी को इस मामलें में दोषियों की सज़ा का ऐलान किया जाएगा। फ़िलहाल लालू यादव को बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में रखा गया है।

फ़ैसले के बाद बीजेपी पर जमकर बरसे लालू यादव,

फ़ैसले के आने के बाद से आरजेडी प्रमुख लालू यादव बीजेपी पर जमकर बरसे | उन्होनें सिलसिलेवार ढंग से ट्विटर के जरिये बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर हमला किया |

 

लालू ने ‘मंडेला’ और ‘मार्टिन लूथर किंग’ और ‘अम्बेडकर” से की ख़ुद की तुलना 

आरजेडी ने फूंका बयानों का बिगुल

इस फ़ैसले के बाद से ही आरजेडी के तमाम नेता पार्टी प्रमुख का बचाव करते नज़र आए | कुछ ने कहीं नरमी से मामले पर टिप्पणी करना उचित समझा, तो कहीं कुछ ने तीख़े लहज़े में जमकर विपक्ष को इसका ज़िम्मेवार बताया | हालाँकि लालू यादव के बचाव में बोलते हुए सभी ने सारा दोष बीजेपी के सर ही मढ़ा |

वहीँ आरजेडी के प्रवक्ता मनोज झा ने कुछ ऐसे सबूतों के होने का दावा किया, जिनके आधार पर उन्हें लगता है कि हाईकोर्ट उन्हें राहत दे सकता है। साथ ही मनोज ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि,

“ सत्ताधारी बीजेपी अपने विरोधियों को डराकर उनसे डील करने की कोशिश करती है, हम ऐसे लोगों से कहना चाहते हैं कि आपका अंत शुरू हो चुका है ”

सीबीआई को एक बार फ़िर दिया गया ‘तोते’ का नाम

आरोपों के इस दौर में आरजेडी प्रवक्ता मनोज झा ने सीबीआई पर भी हमला करते हुए सीबीआई को सरकार का तोता बताया और कहा,

“ कल तक तोता पिंजड़े में था, मगर आज उसे चिप से नियंत्रित किया जा रहा है, जो उनके सामने झुक जाता है, वह बच जाता है और  जो नहीं झुकता, उसे झेलना पड़ता है ”

इन सब के बीच आरजेडी के उपाध्यक्ष और चारा घोटाला में कानूनी लड़ाई लड़ने वाले शिवानंद तिवारी ने कहा,

“ नीतीश को सत्ता में लाने के लिए लालू के खिलाफ मामला दर्ज कर मैंने बड़ा पाप किया था और आज मुझे ग्लानि हो रही है ”

जेडीयू ने किया लालू पर वार

जहाँ एक ओर आरजेडी पूरी तरह से इसे बीजेपी की साजिश का नाम दे रही है, वहीं सत्ताधारी जेडीयू ने के मुताबिक बिहार की राजनीति से एक राजनीतिक अध्याय आज खत्म हो चुका है। पार्टी प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने कहा कि

“ नई परिस्थिति में भ्रष्टाचार के खिलाफ देश में जो नजरिया उत्पन्न हुआ है, उसके मुताबिक अदालत का यह फैसला देश के लिए एक नजीर बनेगा ”

साथ ही उन्होंने आरजेडी पर तंज कसते हुए उन्होंने यह भी कहा,

 “ लालू प्रसाद पहले से ही सजायाफ्ता हैं और इस फैसले के बाद आरजेडी के नेता ‘रांची चलो’ अभियान को ऐसे पेश कर रहें हैं, जैसे लालू यादव को आजादी की लड़ाई के मामले में फैसला सुनाया गया है ”

इसके साथ ही उन्होंने तेजस्वी यादव और लालू यादव के परिवार के अन्य सदस्यों के भी कई प्रकार के भ्रष्टाचार के मामलों में फँसे होने की भी बात दोहराई।

क्या है मामला?

हम आपको बता दें कि इस मामले की कहानी वर्ष 1990 से 1994 के बीच की है, जब देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपए का एक फर्जीवाड़ा सामने आया था। जिसमें अवैध ढंग से पशु चारे के नाम पर धन निकासी के इस मामले में कुल 38 लोग आरोपी थे। इनके खिलाफ सीबीआई ने 27 अक्तूबर, 1997 को मुकदमा दर्ज किया था और करीब 21 साल बाद आज इस मामले में शनिवार यह एक और फ़ैसला सामने आया है।

इसके पहले अभी तक जहाँ सभी 38 आरोपियों में से 11 की मौत हो चुकी है, वहीं तीन सीबीआई के गवाह बन गए थे। साथ ही दो लोगों ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया था, जिसके बाद उन्हें 2006 से 2007 के बीच ही सजा सुना दी गई थी।

लालू यादव के समर्थन में उतरे शत्रुघ्‍न सिन्‍हा

इस फ़ैसले को जहाँ अन्य बीजेपी नेता सच्चाई की जीत के रूप में प्रस्तुत करते नज़र आए वहीँ लम्बें समय से अपनी ही पार्टी से नाराज़ चल रहें बीजेपी नेता शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने खुल कर लालू यादव का समर्थन किय और ट्वीट करते हुए कहा,

खैर! प्रत्याशित रूप से आरजेडी अभी इस फ़ैसले को सर्वोपरि नहीं मान रही है और यह तो जाहिर है कि इसके खिलाफ़ ऊपरी अदालतों में याचिका दायर की जायेगी।

हालाँकि नतीज़ा जो कुछ भी हो, लेकिन एक बात तो स्पष्ट है कि बिहार की राजनीतिक बिसात में इस फ़ैसले की चाल से लालू यादव की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं, पहले से ही अन्य भ्रष्टाचार के मामले में घिरा लालू परिवार इस फ़ैसले से काफ़ी तनाव में होगा।

वहीँ इस फ़ैसले ने बीजेपी और जेडीयू को लालू यादव पर हमला करने का एक और मौका दे दिया है और दोनों ही दल इस मौके का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिशें जरुर करेंगें, जिनका आगाज़ शायद हो भी चुका है।

Previous «
Next »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *