April 20, 2018
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नवाबों के शहर ‘लखनऊ’ में जायकों के रंग

  • by Ashutosh
  • November 29, 2017

‘नवाबों का शहर’ कहें जाने वाले उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेहमान नवाज़ी का अंदाज़ आज भी नवाबी है | और जनाब ! नवाबी मेहमान नवाज़ी का रंग बिना जायकों के सोचा भी नहीं जा सकता |

इस शहर ने अपनी ‘खूबसूरती’ और ‘ऐतिहासिक इमारतों’ की धरोहरों के साथ-साथ अपने ‘अवधी जायकों’ को भी संभाल कर रखा है |

इस शहर के इतिहास का सीधा असर इसके पकवानों में साफ़ तौर पर नज़र आता है | दरसल, शुरू से ही यहाँ के पकवानों ने दुनिया भर में मशहूर लखनवी ‘अंदाज़’ और ‘मिज़ाज’ को तय करने में एक अहम किरदार निभाया है |

अगर आप भी खानपान के शौकीनों में से हैं, तो आपको यह शहर कभी निराश नहीं कर सकता |

‘कबाबों’ ने दी शहर को अलग पहचान

आप लखनऊ आयें और यहाँ के कबाबों का स्वाद लेने से ख़ुद को रोक पाएं, ऐसा शायद ही संभव हो | दरसल, शहर के कोने-कोने इन लज़ीज़ कबाबों की दुकानों से भरें पड़ें हैं | और इनमें सबसे मशहूर हैं, चौक स्थित 100+ साल पुरानी ‘टुंडे कबाबी’ | इन कबाबों के बारे में ऐसा कहा जाता है कि इनमें 100 प्रकार के मसालों का इस्तेमाल किया जाता है |

‘निहारी’ का जलवा आज भी है बरक़रार

अवधी व्यंजनों का जिक्र बिना निहारी के कहाँ पूरा हो सकता है | लखनऊ के चौक बाज़ार की मशहूर निहारी सिर्फ़ अपने स्वाद ही नहीं बल्कि ‘बनने के अंदाज़’ के कारण भी प्रसिद्ध है | दरसल, इस व्यंजन को मूल रूप से 5 से 6 घंटों तक धीमी आंच में पकाने के बाद ही आपके सामने परोसा जाता है |

दिलचस्प है ‘बिरयानी’ की कहानी

अवधी बिरयानी, मलतब इसके जायके व स्वाद पर शक करना ही बेईमानी कही जा सकती है | सिर्फ़ लखनऊ में ही आप अनेकों क़िस्म की बिरयानी का लुफ्त उठा सकतें हैं | कहीं आपको कोयले की धीमी आंच में पकी बिरयानी का स्वाद रिझा सकता है, तो कहीं लखनवी रंग में रंगी हैदराबादी बिरयानी की खुशबु आपको दीवाना बना सकती है | इस शहर में न सिर्फ बिरयानी को एक अलग पहचान दी है, बल्कि यहाँ के व्यंजनों में बिरयानी के मूल रूप को आज भी संजो कर रखा गया है |

शाकाहारी लोगों के लिए भी हैं पर्याप्त विकल्प 

बॉम्बे नहीं ये है ‘हजरतगंज’ की पाव भाजी

हजरतगंज की सड़कों पर भी जायकों की खुशबु और स्वाद आपको मानों बांध सा लेते हैं | बॉम्बे पाव भाजी के बैनर तले परोसी जाने वाली पाव भाजी आपके मुँह में पानी लाने के लिए काफ़ी है |

यक़ीनन आपके लिए हजरतगंज की सड़कों पर मिलने वाले इन लजीज़ जायकों को नज़रंदाज़ कर पाना मुश्किल  होगा |

‘बाजपेई कचौड़ी’ के लिए मशहूर शब्द भी है छोटा

शहर में लीला सिनेमा के पास स्थित बाजपेई कचौड़ी खाने वालों की लंबी कतारें आम हैं | दरसल, इनके ग्राहकों में पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेई सहित कई नामी हस्तियाँ शुमार हैं |

‘नैनीताल मोमोस’ भी है अब लिस्ट में शुमार

गोमती नगर स्थित नैनीताल मोमोस अब लखनऊ के जायकों में अपना नाम शुमार कर चूका है | रोज के रोज यहाँ के मोमोस के दीवानों की संख्या बढ़ती जा रही है |

‘चाय’ और ‘बन-मखन’

शहर की सड़कों में अब चाय और बन-मखन के दीवानों की कमी नहीं | लाल बाग़ स्थित शर्मा जी की चाय से लेकर हजरतगंज में रात भर खुलें रहने वाले ठेलों तक में आप लोगों की बराबर भीड़ पायेंगें |

चौक की ‘मक्खन मलाई’ की अलग है मिठास

यूँ तो शहर की कई दुकानों में आप इस जायके का लुफ्त उठा सकतें हैं | लेकिन चौक की कुछ मशहूर दुकानों में मिलने वाली मक्खन मिलाई के स्वाद को लफ़्ज़ों में समेट पाना  मुश्किल है, आप इसको बिना खाए इसकी खूबसूरती और इसके स्वाद का अंदाज़ा तक नहीं लगा सकतें हैं |

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