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शर्मनाक: दिल्ली में ठंड से 44 बेघर लोगों की मौत पर राजनीति हुई तेज़

  • by Ashutosh
  • January 9, 2018

इस बढ़ती महंगाई के दौर में अगर कोई चीज़ सस्ती हुई है, तो वह है ‘इंसान की जान’। जी हाँ ! यकीन मानिये, इस विषय पर भले ही कोई अधिकारिक आँकड़ा न सामने आता हो, लेकिन आज आप कहीं भी देखिये या किसी से भी पूछिए, इस बात का प्रमाण आपको मिल ही जाएगा।

कभी संदेह मात्र की स्थिति में ही पीट-पीट कर लोगों को जान लेने का मसला हो या सिर्फ़ थोड़ी सी कहासुनी को लेकर हत्या करने जैसा मामला, यह सभी इस बात का प्रमाण देते हैं कि लोगों की जान की क़ीमत आज के दौर में सबसे सस्ती है।

इतना ही नहीं अब तो प्रकृति के कहर से भी होने वाली मृत्यु को लेकर भी समाज में संवेदनशीलता कम होती जा रही है। शायद यही कारण है कि इस पर चिंतन करने की बजाए, लोग इस पर राजनीति करना ज्यादा उचित समझ रहे हैं।

ताज़ा मामला है देश की राजधानी ‘दिल्ली’ का, जहाँ सर्दी के कारण जनवरी के पहले हफ़्ते में ही 44 बेघर लोगों की मौत हो गई और प्रत्याशित रूप से इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए, इंतज़ामों को पुख्ता करने की बजाए, राजनेताओं ने शर्मनाक रूप से इस पर भी राजनीति शुरू कर दी है। दरसल हम आपको बता दें कि दिल्ली-NCR में सर्दी के सितम जोरो से फ़ैल रहा है। बीते सोमवार की सुबह भी न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इतने कम तापमान और सर्द हवाओं के चलते जनवरी के पहले हफ्ते में ही दिल्ली-NCR में अब तक 44 बेघर लोगों की मौत हो चुकी है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया उपराज्यपाल अनिल बैजल को इन मौतों का ज़िम्मेदार

मीडिया द्वारा सर्दी के कारण 44 मासूम बेघर लोगों की मौत की ख़बर सामने लाते ही, आरोप-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया। इसी सिलिसले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मौतों को लेकर उपराज्यपाल अनिल बैजल पर निशाना साधा है और ट्वीट करते हुए कहा,

” दिल्ली में इस साल ठंड की वजह से 44 मौतों की खबर है मैं डीयूएसआईबी के सीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर रहा हूं, पिछले साल न के बराबर मौते हुई थीं, मगर इस साल एलजी ने बेकार अधिकारीयों को नियुक्त किया, जिसके चलते ऐसा हो रहा है,

एलजी ने अधिकारियों की नियुक्ति से पहले हमसे सलाह-मशविरा तक नहीं किया, हम ऐसे कैसे सरकार चला सकते हैं “

इसके साथ ही सरकार की तरफ़ से सफ़ाई देने के लिए संजय सिंह भी सामने आए और उन्होंने दावा करते हुए कहा,

” मौजूद दिल्ली सरकार ने सर्दियों के दौरान बेघरों और गरीबों के लिए जो इंतज़ाम किए हैं, वो पूरे देश में सबसे बेहतर है, हालांकि अगर किसी की मौत ठंढ से होती है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है और सरकार इनके लिए पूरी तरह से चिंतित और इसे रोकने के लिए प्रयासरत भी “

साथ ही संजय सिंह ने बीजेपी पर इस मुद्दे में राजनीति करने का आरोप लगाते हुए, यह भी कहा,

 ” बीजेपी अपने राज्यों की चिंता करे, जहां पर बच्ची भात-भात कहकर मर जाती है “

बीजेपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने साधा केजरीवाल पर निशाना

भला आरोप-प्रत्यारोपों का दौर यहीं कहाँ रुकने वाला था, तो इसी के चलते अब बारी थी बीजेपी के पलटवार की। और इसमें कोई कसर न छोड़ते हुए, स्वयं बीजेपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आप सरकार पर निशाना साधाते हुए कहा,

” सड़क से आंदोलन की शुरुआत करने वाले आज महलों में जाकर सो गए हैं और वहीँ सड़कों पर लोग मौत के मुंह में समा रहे हैं “

मनोज तिवारी ने कहा दिल्ली में सर्दी के कारण इस साल अब तक कुल 250 मौतें हुईं

मनोज तिवारी भी इतने तक ही नहीं रुके उन्होंने बीते दिसंबर में हुई मौतों का आँकड़ा देते हुए कहा,

” जनवरी 2018 के पहले हफ्ते में लगभग 42 बेघर लोगों की मौत हो चुकी है और इस जानकारी की गृह मंत्रालय ने भी पुष्टि कर दी है, साथ ही दिल्ली सरकार को इस बात का भी ख़ुलासा करना चाहिए कि दिसंबर से अब तक सर्दी के कारण 250 से ज्यादा बेघर लोगों की मौत हो चुकी है ”
” अगर केजरीवाल ने राज्यसभा उम्मीदवारों के चुनाव की बजाए बेघर लोगों की सुरक्षा के प्रति अधिक रुचि दिखाई होती तो हमें इन मौतों के बारे में सुनने को नहीं मिलता “

‘आप’ ने खोला दिल्ली के एलजी के खिलाफ़ मोर्चा

इस मामले के सामने आते ही दिल्ली की आप सरकार ने दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल के ख़िलाफ़ मोर्चा सा खोल दिया है | दरसल सीएम केजरीवाल के ट्वीट के बाद ही ‘आप’ के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने सीएम के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा,

” जिस अधिकारी को नियुक्त किया गया था उनके सर्विस रिकॉर्ड को लेकर विधानसभा की कमिटी ने नकारात्मक टिप्पणी की थी “

DUSIB ने किया सर्दी के कारण हुई 44 मौतों से इंकार

जहाँ एक तरफ़ दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने इस मामले के सामने आते ही ‘दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड’ (DUSIB) के सीईओ को कारण बताओ नोटिस ज़ारी करने की बात कही, वहीँ आज DUSIB के सीईओ शुर्बिर सिंह ने ANI से बातचीत करते हुए, इन ख़बरों को झूठा बताया, और कहा,

” DUSIB इन तथ्यों से इंकार करता है कि दिल्ली में सर्दी के कारण 44 बेघर लोगों की मौतें हुई हैं, बोर्ड में ऐसे किसी भी केस को दर्ज़ नहीं किया गया है, हमनें जाँच की और पाया कि गर्मियों में भी ऐसी मौतें आमतौर पर होती रहती हैं, तो यह कहना कि अभी सर्दी के कारण यह मौतें हुईं हैं यह ग़लत है “

खैर! देश के समक्ष अब यह कोई पहला मुद्दा नहीं जब ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण मौतों पर भी राजनेताओं ने राजनीति न की हो | अभी हाल ही में ही हमनें उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण भारी संख्या में हुई बच्चों की मौतों पर तामाम राजनीतिक पार्टियों को राजनीति करते देखा था | जहाँ एक ओर प्रदेश सरकार के कुछ मंत्रियों ने ऐसी घटनाओं को आम बताया था, वहीँ प्रदेश के स्वास्थ मंत्री भी मौतों पर आँकड़ों का खेल खेलते नज़र आए थे |

अब सोचने वाली बात यह है कि कहीं हमनें ही तो इन राजनेताओं का कद इतना बड़ा नहीं कर दिया कि ये अब आम जन की दुर्भाग्यपूर्ण मौतों पर भी अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने से जरा भी नहीं हिचकिचाते? 

ऐसी घटनाओं के बाद जहाँ तुरंत जमीनी क़दम उठाए जाने चाहिए, दोषियों को दंड देना चाहिए, वहाँ हमारे देश में राजनेता इसका तमाशा बना, अपनी राजनीतिक मंशाओं को पूरा करने में लग जाते हैं |

जरा सोचिये क्या आज सिर्फ नेता या पूरा समाज ही हो गया है ‘संवेदनहीन’ ?

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