July 17, 2018
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“कोई भी राज्य नहीं लगा सकता ‘पद्मावत’ की रिलीज़ पर प्रतिबंध”: सुप्रीम कोर्ट

  • by Ashutosh
  • January 18, 2018

आज सुप्रीम कोर्ट ने संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ की रिलीज़ पर कई राज्यों में लगे प्रतिबंध के खिलाफ फ़िल्म के निर्माताओं द्वारा याचिका पर सुनवाई करते हुए अपना फ़ैसला सुनाया। इस फ़ैसले के तहत सुप्रीम कोर्ट ने मध्‍य प्रदेश, हरियाणा, राजस्‍थान और गुजरात द्वारा अपने-अपने राज्‍यों में इस फिल्‍म की रिलीज पर लगाए गए प्रतिबंध के आदेश पर रोक लगा दी है, जिसका साफ़ तौर पर मतलब है कि अब यह फ़िल्म 25 जनवरी को देशभर में रिलीज होगी।

दरसल, फिल्म के निर्माता वायकॉम 18 और अन्य ने कोर्ट से अपील करते हुए कहा था कि फ़िल्म की रिलीज़ 25 जनवरी को होने वाली है, इसलिए यह विनती की जाती है कि इस याचिका पर शीघ्र सुनवाई की जाए।

इस बीच इस याचिका पर सुनाई कर रही चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए. एम. खानविलकर और जस्टिस धनंजय वाई चंद्रचूड़ की बेंच ने इस पर अपना निर्णय सुनाते हुए कहा,

 “ कानून व्यवस्था कायम रखना राज्यों का दायित्व है, हम यह निर्देश देते हैं कि फ़िल्म के रिलीज़ पर प्रतिबंध जैसी जारी की गई अधिसूचना और आदेशों के क्रियान्वयन पर रोक रहेगी, इस मामले में इस तरह की अधिसूचना अथवा आदेश जारी करने से हम अन्य राज्यों को भी रोक रहे हैं ”

ख़ास बात यह भी रही कि सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने स्वयं कहा,

“ जब फिल्म के प्रदर्शन को इस तरह रोका जाता है तो मेरा संवैधानिक विवेक मुझे टोकता है ”

‘सुप्रीम कोर्ट कौन होता है बैन हटाने वाला’: करणी सेना

इस फ़ैसले के बाद राष्ट्रिय राजपूत करणी सेना के प्रदेश सचिव जीवन सिंह सोलंकी ने इस फ़ैसले पर अपनी नाराज़गी जताते हुए कहा,

“ यदि कहीं भी हिंसा होती है तो उसका जिम्मेदार सुप्रीम कोर्ट होगा, कौन होता है सुप्रीम कोर्ट बैन हटाने वाला ”

इसके साथ ही रायपुर के सर्व राजपूत क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह जूदेव ने भी कोर्ट का खुला विरोध करते हुए कहा,

“ उनका समाज सुप्रीम कोर्ट के फैसले को नहीं मानेगा और फिल्म ‘पद्मावत’ का विरोध जारी रहेगा ”

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