August 14, 2018
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“सिर्फ आज नहीं, ऱोज उठे महिलाओं की ‘सुरक्षा और सम्मान’ के लिए आवाज़”: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस

  • by Ashutosh
  • March 8, 2018

आज सुबह से देख रहा हूँ, अचानक से सारे न्यूज़ चैनल, अख़बार और सभी के सोशल मीडिया अकाउंट में महिलाओं के प्रति सम्मान, सुरक्षा और उनके हक़ की बातें होने लगी हैं | हर कोई आज बड़ी बेबाकी से महिलाओं के हक़ के प्रति खड़ा नज़र आ रहा है, हर कोई महिलाओं के साथ होने वाले दुर्व्यवहार के खिलाफ़ खुलकर आवाज़ उठा रहा है | इसे बेशक काफ़ी सराहा जाना चाहिए, लेकिन मेरा सवाल यह है कि सिर्फ़ आज ही ये सब को, क्यूँ ये इतनी अच्छी पहल मात्र एक दिन के सूरज के साथ शुरू होती और शाम होते होते फिर से सब इन बातों को तवज्जों देना भूलने लगते हैं |

दरसल, मेरा सिर्फ़ इतना अनुरोध है, कि इन अच्छी सोचों को सिर्फ़ आज के दिन कि सीमाओं तक न समेटा जाए, इनकों एक मुहीम एक पहल का रूप दिया जाए, और लोग सिर्फ़ इसको देखे सुने और सिर्फ़ इस पर बात ही न करें, बल्कि इसके सकारात्मक परिणामों के लिए इसको अपनी सोच में भी अपनाये |

आज के दौर में जब सम्पूर्ण वैश्विक मंचों से महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए आवाज़े उठाई जा रहीं हैं, तो ऐसे में इन आवाज़ों कि गूंज को बरकार रखें, तब तक जब तक इस गूंज हर उन कानों तक न पहुँच जाए, जिन्हें समाज में रहने वाली लड़कियों और महिलाओं कि इज्ज़त करने जैसे बुनियादी संस्कार आज भी सिखने कि जरूरत है |

“मर्द बदल रहें हैं सोच या लडकियाँ हो रहीं बेख़ौफ़?”

आज का दौर का कटु सत्य यह है कि आज भी लडकियाँ या महिलाओं के मन में कई मायनों पर, खुद के ही समाज में खुद कि ही सुरक्षा को लेकर संशय बना रहता है |

लेकिन हाँ जनाब ! लेकिन आज कि महिलाओं को अगर आप कमज़ोर कहेंगें, तो शायद यह बहुत ही बड़ी भूल होगी | इस दौर कि सबसे अच्छी बात है कि इस दिशा में सुधार को लेकर अब दायरों को बढ़ाया गया है | अब सिर्फ़ यह ही नहीं कहा जाता कि मर्द अपनी सोच बदलें, क्यूंकि अगर आज भी कुछ असामाजिक तत्वों में ये किसी महिला या लड़की का सम्मान करने कि बुनियादी तमीज नहीं है, तो आज कि लड़कियों ने चूड़ियाँ नहीं पहनी, आज वह क़ानूनी और सामाजिक रूप से इतनी सशक्त हैं कि वह ऐसे मनचलों को अच्छा सबक सिखा सकें |

तो अब सिर्फ़ मर्दों कि सोच बदलने पर भी निर्भर नहीं रहना, अब लड़कियों और महिलाओं को भी इतना सशक्त बनाना होगा, कि वह बेख़ौफ़ रूप से ऐसी चीज़ों के खिलाफ़ आवाज़ उठा सकें और उचित कार्यवाई भी करें |

सोशल मीडिया पर चले कुछ खास कैंपेंन

1.  #WomenBehindTheScenes

मध्य प्रदेश सरकार कि यह पहल इस बात को उजागर करने के लिए है कि महिलाएं कितने त्याग और मेहनत के साथ एक घर और समाज कि नीव रखने में अहम किरदार निभा रहीं हैं, वो भी कितनी खोमोशी से और प्रसन्नता से | WIC भी ऐसी सभी महिलाओं को सलाम करता है, जो कभी माँ, तो कहीं बहन, कहीं गृहणी, और न जाने कितने असंख्य रूपों में, हमारे समाज को खुबसूरत बनाने और इसके विकास में अपना अहम योगदान दे रहीं हैं |

 

2. #MeriRaatMeriSadak

हरियाणा में वर्णिका कुंडू के साथ हुई छेड़छाड़ के विरोध में दिल्ली व एनसीआर में महिलाओं ने रात  में सड़कों पर निकलकर विरोध किया |

3. #LahuKaLagaan

देशभर में जीएसटी लागु होने के बाद सैनेटरी पैड पर 12 फीसदी टैक्स लगाया गया था, जिसका महिलाओं ने विरोध किया था |

 

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