August 16, 2018
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राजस्थान के स्कूलों में होंगे संतों के प्रवचन: शिक्षा मंत्री

  • by Ashutosh
  • June 13, 2018

राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग ने नया फ़रमान जारी करने का फैसला लिया है, जिसके तहत अब सभी स्कूलों में साधु-संतों के प्रवचन होंगे। राज्य के शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी कर अगले सत्र से स्कूलों में हर तीसरे शनिवार संतो का प्रवचन करवाने को अनिवार्य कर दिया है। यह कार्यक्रम ‘बाल सभा’ के नाम से होंगें, जो क़रीब 30 मिनट तक हुआ करेंगें।

एनडीटीवी के अनुसार, सरकार का यह निर्णय सरकारी स्कूलों के अलावा गैर-सरकारी स्कूलों, सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूल और आवासीय स्कूल, विशेष प्रशिक्षण कैंप और टीचिंग ट्रेनिंग स्कूल पर भी लागू होगा।

राजस्थान के शिक्षा मंत्री ने संतो के प्रवचन पर कहा,

“इस तरह के कार्यक्रम बच्चों में नैतिक मूल्य को पैदा करेंगे, और इसी के चलते इस तरह के कार्यक्रम की शुरुआत की गई है”

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के निदेशक नथमल डिडेल ने कहा,

“विधानसभा के सदस्यों ने बहुत दिन से मांग की थी कि इस तरह का कार्यक्रम का आयोजन स्कूलों में होना चाहिए और इससे बच्चों में नैतिक मूल्य पैदा होंगे, इस कार्यक्रम के लिए शिक्षा मंत्री ने मंजूरी दी है”

सरकार के इस फैसले के बाद विपक्षी दलों ने सरकार को एक बार फ़िर घेरने का मन मनाया है। विपक्ष ने फैसले की आलोचना करते हुए सरकार से निर्णय वापस लेने को कहा है।

इससे पहले शिक्षा मंत्री वासुदेव ने अजमेर में परशुराम जयंती को संबोधित करते हुए कहा था कि अगले शैक्षणिक सत्र में परशुराम पर एक अध्याय पाठ्यक्रम में जोड़ा जाएगा।

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के निदेशक नथमल डिडेल ने कहा,

“इस कार्यक्रम का किसी भी विशेष धर्म से लेना-देना नहीं है, कार्यक्रम में आने वाले संत हिंदू, मुस्लिम और ईसाई भी हो सकते हैं, जो इलाके में सम्मानित हों और जिसमें लोगों की आस्था हो, वे छात्रों को जीवन की नैतिकता का पाठ सुनाएंगे”

 

हम आपको बता दें कि 2017 में विभाग ने आदेश दिया था कि भाजपा के संस्थापक दीन दयाल उपाध्याय द्वारा लिखित 15 खंडों के संग्रह को सभी सार्वजनिक पुस्तकालयों में रखा जाएगा।

हालाँकि अब देखना है यह पहल जमीनी स्तर पर छात्रों के लिए कितनी प्रभावी होती है, और साथ ही सरकार और विपक्ष इस मुद्दें पर किस हद तक राजनीतिक आरोप प्रत्यारोपों का दौर चलाते हैं।

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